Save Water - जल है तो कल है।

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पानी क्या है, इसकी परिभाषा किसी शायर ने कितनी आसान तरीके में बताई है : 
पानी क्या है ?
हमारे दादा जी ने जिसे नदी में देखा,

पिताजी ने कुएं में, 

हमने जिसे नल में देखा, 
और हमारे बच्चों ने बोतल में, 
पर अब उनके बच्चे कहां देखेंगे ???? 

सच में, कितनी गहरी सोच है ! आज के दौर में " Water is Money" ऐसे कहा जाये तो अतिशयोक्ति नही होगी। जिस तरह हम पैसा सोच समझ कर खर्च करते है और भविष्य के लिए कुछ बचाते भी है है, उसी तरह हमे पानी की अहमियत को समझते हुए इसे सोच समझकर इस्तेमाल करना चाहिए, बर्बाद नही करना चाहिए, ताकि हमारी आनेवाली पीढ़ी को पानी पीने के लिए मोहताज नही होना पड़े।

हमारे पृथ्वी की सतह पर करीब दो तिहाई पानी है लेकिन इसमें से 1 से 2 % ही पानी ताजा, पीने और उपयोग करने योग्य है।
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पानी का महत्व 

मानव शरीर मे करीब दो तिहाई पानी होता है। शरीर का कोई भी महत्वपूर्ण काम जैसे चयापचय, तापमान में नियंत्रण, शरीर की वृद्धि, रक्त की निर्मिती, रक्त का संचलन आदि बिना पानी के नहीं हो सकता है। पानी के बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। हमारे शरीर के अलावा, हमारी पृथ्वी, पेड़-पौधे, जानवर आदि कोई भी पानी बिना जीवित नहीं रह सकता है। पानी जीवन के लिए अमृत माना जाता है , इसीलिए पानी को बचाने का हमें हर संभव प्रयास करना चाहिए।

विशेषज्ञ बीते कुछ सालो से लगातार इस बात की चेतावनी दे रहे है, कि जल के दुरुपयोग पर तत्काल नियंत्रण जरूरी है। यूएनडीपी ( यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम ) के रिपोर्ट के मुताबिक एक आम इंसान हर रोज 135 लीटर पानी और सालाना करीब 49275 लीटर पानी का इस्तेमाल करता है। हम चाहे तो अपनी छोटी-छोटी कोशिशों से इस मात्रा में कमी ला सकते हैं।

कैसे करे पानी की बचत ? How to Save Water in Hindi

  1. शॉवर के बदले बाल्टी से नहाएं - शॉवर से नहाने से पानी कि काफी ज्यादा बर्बादी होती है। पूरे प्रेशर से शॉवर चले तो 5 मिनट में करीब 75 लीटर पानी बह जाता है। अगर शॉवर का प्रयोग करना जरूरी भी हो तो उसमें वाटर सेविंग फीचर वाला शॉवर हेड जरूर लगवा ले। वैसे बेहतर यही होगा कि नहाने के लिए बाल्टी और मग का प्रयोग किया जाना चाहिए। 
  2. ना रखे नल को खुला - कई लोगों को आदत रहती है कि ब्रश करते वक्त, दाढ़ी बनाते वक्त बेसिन का नल खुला छोड़ते है, बाल्टी भरने के बाद भी नल शुरू ही रहता है जैसे नहाते वक्त, कपड़े धोते वक्त आदि , तो इस बात का ख्याल जरूर रखें, कि बाल्टी भर जाने के बाद नल जरूर बंद कर दे। ब्रश करने के लिए ग्लास या लोटे में पानी ले। दाढ़ी के लिए भी मग में पानी ले सकते हैं। इस छोटी सी कोशिश से भी हम 1 मिनट में करीब 6 लीटर पानी बचा सकते हैं। खुले पाइप से कार या गाड़ी धोने में करीब 150 लीटर पानी की बर्बादी होती है। इसलिए अच्छा रहेगा अगर आप गाड़ी धोने के लिए बकेट व मग का इस्तेमाल करें और जब गाड़ी ज्यादा गंदी ना हो तब गीले कपड़े से ही गाड़ी को पोंछ ले।
  3. कटिंग पानी, एक नई आईडिया - काफी जागरूक समाज सेवक और सरकार लोगों तक पानी बचाने का संदेश पहुंचाने के लिए कई तरह के प्रोग्राम्स एवम आइडियाज तैयार करती हैं। इस में से ही RO निर्माता Livpure ने Save Water Initiative के अंतर्गत #CuttingPani की आईडिया खोज निकाली है, जिसे हम एक नई सोच भी कह सकते हैं। #CuttingPani अर्थात जितनी आवश्यकता हो उतना ही पानी सामने वाले को दिया जाए ताकि अतिरिक्त पानी किसी और के पीने के लिए काम आए। अगर किसी को थोड़ी ही प्यास है तो सिर्फ एक कटिंग याने आधा गिलास पानी ही दीजिये। इस तरह पानी की बचत भी होगी और उसका अपव्यय भी टाला जा सकेगा। आप पानी पीने के लिए छोटे ग्लास का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  4. बदलाव करे फ्लश की आदत में - सेंट्रल पब्लिक हेल्थ एंड इन्वायरमेंटल इंजीनियरिंग आर्गेनाईजेशन की रिपोर्ट के अनुसार एक व्यक्ति हर रोज औसतन 30 लीटर पानी फ्लशिंग के लिए इस्तेमाल करता है। हर बार फ्लश में से 3 से 6 लीटर पानी बर्बाद होता है। सिगरेट के टुकड़ों, बच्चे खाद्य पदार्थों को फ्लश करने के लिए, यूरिन पास करने के बाद पानी की बर्बादी ना करें। बेहतर होगा, कि छोटी बाल्टी से पानी डालें। आप चाहे तो ड्यूअल फ्लैश टैंक भी लगवा सकते हैं जो 3 और 6 लीटर के कॉम्बीनेशन में आता है। बदलाव ना करना चाहे तो टैंक में 2 लीटर वाली पानी की बोतल भर कर रख दे, इससे हर बार आपका 2 लीटर पानी कम फ्लैश होगा।
  5. वाशिंग मशीन का प्रयोग करे सोच समझकर - आटोमेटिक वाशिंग मशीन का प्रयोग करने के बजाय आप लो पावर वाली या सेमी आटोमेटिक मशीन का इस्तेमाल कर सकते हैं, इसमें हम पानी को दोबारा यूज़ भी कर सकते हैं और बिजली भी कम लगती है लगती है। हर रोज वाशिंग मशीन लगाने के बजाय थोड़े कपड़े इकट्ठा करके फिर वाशिंग मशीन का प्रयोग करें।
  6. पौधों को सींचे संभलकर - पौधों को भी पाइप से पानी देने के बजाय मग और बकेट का का इस्तेमाल करें, जिससे जरूरत के अनुसार पौधों को पानी मिले। आप चाहे तो कपड़े या सब्जियों को धोने के बाद बचे हुए पानी का इस्तेमाल भी पौधों के लिए कर सकते हैं। तेज धूप हो तो गमलों को घर के अंदर ले ले या अगर बगीचे में पौधे लगाए हो तो उन्हें मिट्टी और सूखे पत्तों से ढक दें ताकि उनकी नमी काफी समय तक बरकरार रहे।
  7. खानपान में करे बदलाव - मांसाहार के जगह शाकाहार को अपनाए। यह सेहत के लिए तो अच्छा ही रहेगा और इसमें पानी की भी काफी बचत होगी। मांसाहार बनाने में पानी का काफी अपव्यय होता है। अगर आपको चाय,कॉफी या कोल्ड्रिंक पीने की आदत है तो उसे कम कर दीजिए। एक कप कॉफी के लिए जितने बींस चाहिए उन्हें उपजाने और प्रोसेस करने में करीब 140 लीटर पानी खर्च होता है। एक कप चाय बनाने जितनी चाय पत्ती के लिए 34 लीटर पानी खर्च होता है। जबकि एक कैन जितना सॉफ्ट ड्रिंक तैयार करने में जो चीनी खर्च होती है है वह करीब 200 लीटर पानी से बनती है।
  8. नल की दुरुस्ती का रखे खयाल - जहां भी कहीं नल लीक हो, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं या उसके नीचे बकेट रख दें, जिससे वह पानी दोबारा इस्तेमाल हो सके। रास्ते मैं कहीं नल खुला दिखे तो उसे बंद करें या गई पाइप लाइन टूटी हो तो उसकी शिकायत सरकार से जरूर करें। बर्तन धोते वक्त बेसिन में एक जाली रखें ताकि अन्न के बड़े कण या कुछ कूड़ा हो तो उसमें जमा हो और पाइप में ना जाए क्योंकि अगर यह पाइप और नालियां चोक हो जाती है तो उन्हें साफ करने में बहुत ज्यादा पानी बर्बाद होता है।
  9. पेड़ पौधे लगाए - हम जितने ज्यादा पेड़ पौधे लगाएंगे, उतनी ही ज्यादा बारिश होगी और पानी की समस्या कम होने में मदद मिलेगी।
  10. धार्मिक नज़रिया - यह तो है, पानी बचाने के कुछ तरीके, लेकिन अगर आप धार्मिक नजरिए से देखे तो पानी बचाना भी एक तरह का पुण्य का काम है। जैन धर्म में पानी का बहुत सूक्ष्मता से विचार किया गया है। पानी की एक बूंद में भी असंख्यात अति सूक्ष्म जीव रहते हैं, यह बात विज्ञान ने भी सिद्ध की है की है है भी सिद्ध की है है, इसीलिए हम जितना ज्यादा पानी बचाएंगे और पानी की बर्बादी जितनी कम करेंगे करेंगे उतने ही जीवो की रक्षा हमसे हमसे होगी और हमारा पुण्य भी बढ़ेगा बढ़ेगा।
जिस दिन हम जल को किसी इंसान के जिंदगी जितनी प्राथमिकता देंगे तभी हमें जल की अहमियत समझ आएगी। सरकार बिजली की तरह घर में पानी का भी मीटर लगवाएं और जब हमें इसका भी बिल भरना पड़ेगा उस दिन हम जल के सही महत्व को समझ पाएंगे। 

आज तो हमारे घरों में नल से पानी आ रहा है, पर भारत के कई ऐसे इलाके हैं, जहां लोगों को 4 से 5 किलोमीटर तक भी पैदल चलकर पानी भरने के लिए जाना होता है, कई लोगों को 1 से 2  बकेट पानी के लिए घण्टों लाइन लगानी पड़ती है, उनसे ज्यादा पानी की अहमियत को कौन समझ पाएगा ? 

हो घर से प्रति व्यक्ति से शुरुआत 

पानी को बचाने के लिए हमें अपने घर से ही शुरुआत करनी चाहिए। खुद भी जल की रक्षा करनी चाहिए और दूसरों को भी प्रेरित करना चाहिए। जब हम ही करेंगे तो छोटे हम से सीखेंगे व आने वाले पीढ़ी को हम एक अनमोल तोहफा जरूर दे पाएंगे। हमारी सरकार व कुछ जागरूक समाजसेवक पानी बचाने के लिए बहुत कोशिश कर रही है लेकिन जब तक उन्हें हम सबका सहयोग नहीं मिलेगा वह चंद लोग कुछ नहीं कर पाएंगे। यह एक सामाजिक ही नहीं राष्ट्रीय जिम्मेदारी है, जिसे हम सब ने  मिलकर उठाना चाहिए। इसीलिए आप सभी से प्रार्थना है कि नई पीढ़ी के खातिर पानी जरूर बचाए। आप आज इस इस online petition को sign कर पानी बचाने की इस पहल को आगे बढ़ा सकते हैं। 
  
अंत में, इतना ही कहना चाहूंगी,
जल को बचाएं, कल अपना सजाएं। 
सबको यह बताएं, पानी व्यर्थ ना गवाएं।।

क्योंकि " जल ही जीवन है, जल है तो कल है।"
 कटिंग पानी क्या है जानने के लिए देखे यह वीडियो :


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