पुदीने के औषधि गुण और घरेलु नुस्खे

पुदीने को अंग्रेजी मे Mint कहा जाता है। यूँ तो, पुदीने का उपयोग प्रत्येक घर में होता ही रहता है। पुदीने की भीनी खुशबू एवम स्वाद सभीको लुभाते है। कभी इसका प्रयोग औषधि में तो कभी त्वचा को निखारने में तो कभी शरबत या चटनी वगैरह आदि में होता है लेकिन इन सबके अलावा भी इसके कई उपयोग है। 

प्रचलित अरोमाथेरेपी में भी पुदीने का प्रयोग होता है। पूदिने का उपयोग पत्ते, तेल, चाय आदि के रूप मे होता है। आयुर्वेद में भी पुदीने के अनेक औषधि उपयोग बताये गए हैं। स्वाद के साथ सेहत के लिए भी पुदीने का अपना एक महत्त्व हैं। 

पुदीने के औषधि गुण और घरेलु नुस्खों की जानकारी निचे दी गयी हैं :

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पुदीने के औषधि गुण और घरेलु नुस्खे 

Health benefits and Home remedies of Mint in Hindi 

पुदीने के गुण

  • स्वाद, सेहत और  सौंदर्य का भंडार है पुदीना। 
  • पुदीने में एक उड़नशील तेल पाया जाता है, जो पेपरमिंट जैसी खुशबू देता है। 
  • मिनरल्स से भरपूर पुदीना विटामिन C का अच्छा स्त्रोत है। 
  • यह एंटीऑक्सीडेंट, एन्टीवायरल एवम जीवाणुरोधी होता है। 
  • आयुर्वेद में पुदीने को वातनाशक, स्वादिष्ट, रुचिकर, तीक्ष्ण, तीखा,कड़वा, पाचक, मिचली को मिटानेवाला, हृदय को उत्तेजित करनेवाला, गर्भाशय संकोचक, प्रसन्नता देनेवाला, कृमि, ज्वर, अरुचि, विष, दस्त, मन्दाग्नि, कफ, मूत्रल्पता, त्वचारोग आदि को मिटानेवाला कहाँ गया है। 
  • पुदीने के प्रयोग से रोग प्रतिकारक शक्ति भी बढ़ती है। 
  • पुदीने में मौजूद मेंथॉल की वजह से यह शरीर और मन पर ठंडा प्रभाव पड़ता है।
भारतीय रसोई में सूखे और गीले दोनों पुदीने का इस्तेमाल कई तरह से किया जाता है। चटनी, आम पना, रायता, करि, जूस, सुप हो या पुलाव, हर किसी में यह अपने अनोखे स्वाद की झलक देता है।

पुदीने के घरेलु नुस्खे 

Home remedies of Mint in Hindi

  1. पुदीने की पत्तियों को उबाल कर उसके पानी को किसी साफ कपड़े से छानकर खुले मुंह के बर्तन में भरकर रख दें। यह पानी हर सुबह एक चौथाई कप पिए। इससे आपकी त्वचा में रौनक आएगी और कभी पेट दर्द की शिकायत भी नहीं होगी।
  2. यदि पेट में दर्द है तो आप पुदीन हरा की गोलियां खाए या पुदीना की पत्तियों को बारीक पीसकर छोटी छोटी गोलियां बनाकर रख ले। फिर पेट दर्द की शिकायत होने पर पानी के साथ लें। फौरन आराम मिलेगा।
  3. सर्दी, खांसी के साथ अगर बुखार हो तो पुदीने का रस एवं अदरक का रस मिलाकर लेने से रोगी को आराम मिलता है। नाक बंद होने पर ताजे पुदीने के पत्तों को सूंघने से फायदा होगा।
  4. पुदीने की पत्तियां तोड़कर उसमें हींग, नमक, अनारदाना डालकर चटनी बनाकर खाने से बुखार उतर जाता है। 
  5. मुंह का स्वाद ठीक रखने व पाचन शक्ति बढ़ाने में भी पुदीने की चटनी बहुत लाभदायक होती है।
  6. अजीर्ण  होने पर पुदीने का रस पानी में मिलाकर पीने से लाभ मिलता है।
  7. गर्मी के दिनों में पुदीने का शरबत नियमित रूप से पीने से पेट दर्द, पेट में जलन और गर्मी की शिकायत दूर होती है।
  8. हरा पुदीना, सूखा धनिया और मिश्री तीनों की समान मात्रा लेकर चलाएं और लार बाहर निकालते रहे, ऐसा करने से मुंह के छाले बहुत जल्दी ठीक होते हैं।
  9. प्रसव के समय पुदीने का रस पिलाने से प्रसव आसानी से होने में मदत मिलती है।
  10. टमाटर के सूप में थोड़ा सा पीसा हुआ पुदीना मिला देने से  सुप स्वादिष्ट एवं सुगंधित हो उठेगा।
  11. यदि मुख से दुर्गंध आ रही हो तो तीन-चार पुदीने की ताजी हरी पत्तियां चबाए तथा बाद में अच्छी तरह से ब्रश कर लें। आपकी सांसों में नई ताजगी आएगी। एवम दुर्गंध दूर हो जाएगी। आप चाहे तो पुदीने के पत्तों को सुखाकर पाउडर बनाकर इसे मंजन की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आजकल पुदीने का प्रयोग माउथवाश, टूथपेस्ट, कैंडी, चुइंगगम आदि में स्वाद लाने के लिए भी काफी किया जाता है। 
  12. 1 चम्मच पुदीना पाउडर 1 ग्लास पानी मे उबालकर छानकर शहद मिलाकर रात को सोने के पहले पिए। लंबे समय तक यह प्रयोग करने से निद्रानाश में लाभ हो सकता है।
  13. तीन चम्मच पुदीने की चटनी, थोड़ा हींग एवं स्वादानुसार गुड पानी में डालकर उबाल कर काढ़ा बनाएं एवं इसे रोजाना सुबह शाम पिएं। इससे मासिक धर्म की अनियमितता दूर होगी।
  14. तेज गर्मी में कई बार नाक से खून आता है ऐसे में पुदीने की रस की दो से तीन बूंदे नाक में डालने से रक्त आना बंद हो जाएगा। 
  15. कॉलरा में 6 ग्राम पुदीने के पत्ते एवं 3 ग्राम इलायची को आधा लिटर पानी में उबाला जाता है और थोड़े थोड़े अंतराल पर रोगी को पिलाया जाता है। इस से जी मचलाना व उल्टी बंद होती है। साथ ही पेट दर्द भी कम होता है।

पुदीने के अन्य बाह्य प्रयोग

Uses of Mint in Hindi  

  1. एंटीसेप्टिक होने के कारण इसका प्रयोग बॉडी क्लिंजर, साबुन, फेसवॉश आदि बनाने में भी किया जाने लगा है।
  2. दो चम्मच जौ का आटा, एक चौथाई चम्मच ताजा बारीक पिसा हुआ पुदीना पाउडर को गर्म पानी में मिलाकर पेस्ट बना लें और नियमित चेहरे पर लगाएं। 20 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें। कील मुंहासे और झाइयों से छुटकारा मिलेगा। 
  3. रात को सोने से पहले चेहरे पर पुदीने की पत्तियों का रस मल कर सो जाए। सुबह ठंडे पानी से धो लें। ऐसा लगातार 15 दिन तक करने से मुंहासे, धब्बे, झाइयाँ मिटेंगी और त्वचा में निखार आएगा।
  4. कील मुहासों के लिए पुदीने का रस, नीम की पत्तियों का रस तथा मुल्तानी मिट्टी तीनों का मिश्रण लेप चेहरे पर लगाकर 20 से 25 मिनट बाद धो ले। यह प्रयोग हफ्ते में दो बार नियमित रूप से करने पर चेहरे पर चमक आएगी, कील मुंहासे दूर होंगे तथा चेहरा खिला-खिला लगेगा। 
  5. अगर आपकी त्वचा ऑयली है तो पुदीने का फेशियल आपके लिए अच्छा रहेगा। दो बड़े चम्मच पुदीना, दो बड़े चम्मच दही एवं एक बड़ा चम्मच ओटमील का पाउडर इन तीनों को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं एवं चेहरे पर लगाएं। पैक सुखने पर धो ले।
  6. चेहरे को नमी देने के लिए पुदीना, गुलाब तथा तुलसी के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें, उसमें शहद तथा चंदन का तेल मिलाकर त्वचा पर नियमित इस्तेमाल करें।  कुछ दिनों बाद त्वचा कांतिमय, चमकदार, नम तथा चिकनी बनेगी।
  7. पुदीने के रस को आंखों के आसपास लगाइए। आधे घंटे पश्चात धो लीजिए। ध्यान रखें कि रस आंखों में ना जाए। इससे आंखों के आसपास के काले घेरे कम होंगे।
  8. अगर त्वचा पर दाद - खुजली है तो पुदीने के पत्तों का रस दिन में तीन चार बार लगाने से आराम मिलेगा।
  9. नहाने के पानी में पुदीने के पत्ते या पुदीने के तेल की कुछ बूंदे मिलाकर इसे स्नान करने से आपको तरोताजा महसूस होगा एवम हल्की खुशबू मिलेगी।
  10. सिर दर्द विशेषता माइग्रेन या तनाव से संबंधित सिरदर्द हो तो इसमें पुदीने के इस्तेमाल से काफी लाभ होता है। जैतून,  जोजोबा या किसी और तेल में पुदीने के तेल के तीन से चार  बून्द डाले और इससे सिर के पीछे और कान के पीछे मसाज करें। इससे धीरे धीरे सर दर्द में आराम मिलेगा।
  11. बिच्छू दंश के स्थान पर पुदीने का रस या अर्क लगाए तो इससे वह विष को खींच लेता है व दर्द भी कम करता है।
  12. मांसपेशियों में दर्द हो तो पुदीने के तेल से मालिश करने पर राहत मिलती है। आप चाहे तो इसे तिल, बादाम या नारियल के तेल में मिलाकर इससे दर्दयुक्त स्थान पर मसाज करें।
विशेष टिप - यदि बेमौसम पुदीने का स्वाद लेना हो तो उसकी पत्तियों को पीसकर पाउडर बनाकर रख लें तथा समय-समय पर उपयोग में लाए।

इस तरह आप सदाबहार पुदीने का प्रयोग अपनी जिंदगी में कर सेहत और सौंदर्य में चार चांद लगा सकते हैं। 
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