वजन कम कैसे करे ? Weight loss tips in Hindi

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बहुत लोग इस फिक्र में जी रहे हैं कि तमाम कोशिशों के बावजूद भी उनका वजन नहीं घटता हैं। लेकिन आदर्श वजन हासिल करना इतना मुश्किल भी नहीं है। जाने इस राह में हम क्या गलतियां करते हैं और कैसे एक सही बॉडी शेप पाया जाए जा सकता है। 

घंटो वॉक की, जिम में पसीना बहाया, एक्सरसाइज की, डाइटिंग की मगर वजन था कि टस से मस नहीं हुआ। आखिर के 20 किलो वजन घटाना भी इतना मुश्किल कैसे हो जाता है। स्लिम ट्रिम होना किसे नहीं भाता लेकिन छरहरा पण नॉस्टेल्जिया बन चुका है। वह भी क्या दिन थे जब दुबले पतले हुआ करते थे। 

30 की उम्र पार करते ही 28 इंच की कमर को कमरा बनने में देर नहीं लगती। सेल्यूलाइट / चर्बी अपनी परतें दिखा दिखाकर चिढ़ाने को उतावला रहता है और वजन मशीन की सुई आगे ही बढ़ती जाती है। क्या होता है ? ऐसी कहां गलती करते हैं हम ? आइए जाने वह कौन से सवाल है जो वजन घटाने की प्रक्रिया में हमारे मन में उठते हैं और इनके सही जवाब क्या है। 

वजन कम / Weight loss से जुडी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :

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कैसे घटाए वजन ?
How to Lose Weight in Hindi

डाइटिंग के शुरुआती दौर में तात्कालिक लाभ होता है। वजन घटता है तो खुशी का आलम नहीं रहता, लेकिन यह इसी पर टिका नहीं रहता थोड़ी हेरफेर होते ही या फिर बढ़ जाता है। इसका एक कारण यह है कि डाइटिंग के दौरान लोग अक्सर कैलरीज़ बहुत घटा देते हैं और इसे तुरंत वजन घटता है। शुरुआत में यह फूड रिजेक्शन अच्छा लगता है लेकिन जल्दी शरीर में किसी न किसी तत्व की कमी होती होने लगती है जिसका नतीजा होता है डिप्रेशन, थकान और कमजोरी। आखिर व्यक्ति को फिर अपने पुराने शैड्यूल में लौटना पड़ता है। 

वजन घटाने में विफल होने पर इसका भावनात्मक प्रभाव भी गहरा होता है। यह इमोशनल मेंटल स्टेज व्यक्ति को ज्यादा खाने के लिए प्रेरित करती है। व्यक्ति जाने अनजाने में ज्यादा खाने लगते हैं और फिर अपने पुराने बॉडी शेप में वापस आ जाते हैं। 

कैलरीज का मेल

कितनी कैलरीज ठीक है यह सवाल हर डाइटिंग करने वाले के मन में उठता है। सामान्य तौर पर एक वयस्क पुरुष के लिए 1800, स्त्रियों के लिए 1500 कैलरीज ठीक समझी जाती है। डाइटिंग के दौरान लगभग 500 कैलोरीज तक घटा दी जाती है। शोध बताते हैं कि डाइटिंग में आमतौर पर लोग जिम या एक्सरसाइज इन के दौरान बर्न / खर्च की गई कैलरीज कि गलत गणना करते हैं। जैसे लोग मान लेते हैं कि जंग फूड से भरे संडे की एक शाम के लिए एक घंटा जिम में पसीना बहा लेना काफी है जबकि ऐसा नहीं है। 

कार्बोहाइड्रेट्स का मेल 

शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के लिए कार्बोहाइड्रेट्स जरूरी है। 55 से 65 प्रतिशत कुल कैलरीज हमें कार्बोहाइड्रेट से मिलती है। यह शरीर के लिए इंधन की तरह है। डाइटिंग के दौरान कार्बोहाइड्रेट्स कम करने से ग्लाइकोजन स्तर घट जाता है और शरीर ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत एमिनो एसिड्स की ओर बढ़ता है। इससे मसल टिश्यूज को हानि पहुंचती है। कार्बोहाइड्रेट्स कम करने से ज्यादा जरूरी मसल टिश्यू को बचाना है। मेटाबॉलिज्म के लिए कार्बोहाइड्रेट्स अनिवार्य है। लिप्टन और अन्य फैट बर्निंग हारमोंस बॉडी फैट से सीधे जुड़े होते हैं। कार्बोहाइड्रेट्स बढ़ने पर लिप्टिन का स्तर बढ़ जाता है और शरीर के मेटाबोलिज्म पर असर पड़ता हैं। शरीर को कार्बोहाइड्रेट्स की उतनी ही जरुरत है जितनी कि किसी अन्य नुट्रिशन की। इसलिए डाइटिंग में कार्बोहाइड्रेट्स को पूरी तरह बंद न करे लेकिन अपनी डाइट को मॉडिफाइड करे जैसे मैदा और इसके प्रोडक्ट्स शुगर सफेद चावल के बजाए फल और सब्जियों के मात्रा बड़ा है ताकि कार्बोहाइड्रेट्स पर्याप्त मात्रा में मिलते रहे। 

फैट्स की मार 

वजन घटाने का नियम यह है कि जितनी कैलरीज़ बर्न कर सकते हैं उससे कम कैलरीज ले। अगर 2 किलो वजन कम करना हो तो लगभग 500 कैलोरीज घटाने होगी या इतना व्यायाम करना होगा कि 500 कैलोरीज बर्न कर सके। डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें जिनसे कैलोरी स्टोर होना घटे लेकिन सेहत पर बुरा असर ना पड़े। अच्छे और बुरे आहार के अंतर को समझना भी जरूरी है। रेड मीट के बजाय BCA फैट फ्री मिल्क प्रोडक्ट्स लेने से सैचुरेटेड फैट कम होगा, ओमेगा थ्री फैटी एसिड्स के लिए फिश, Walnuts, सोयाबीन ऑयल का प्रयोग दिन में एक बार जरुर करें। भोजन में ताजा हरी सब्जियों और फ्रूट्स की मात्रा बढ़ा दे। डाइट से 4 फ़ूड CRP कट करे - ये हैं कैफीन, रिफाइंड शुगर, अल्कोहल और प्रोसेस्ड फ़ूड। 

चेक लिस्ट

  • नतीजे देखें परखे और फीडबैक से सीखें देखे कि 1 सप्ताह में ऐसा क्या गलती कि जिससे वजन बढ़ा या किस प्रकार की डाइट से वजन कम हुआ। 
  • एक-दो महीने में 5-10 किलो वजन घटाने का सपना ना देखें। ऐसा लक्ष्य बनाए जिसे हासिल कर सके।  
  • पिछले 10 वर्षों में वजन बढ़ने की प्रक्रिया के बारे में सोचें। हर साल कितने किलो वजन बढ़ा जीवन शैली में आए बदलाव के बारे में भी सोचे। 
  • लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठकर काम न करें। 
  • तनाव और दबाव घटाएं। 
  • 30 की उम्र के बाद नियमित वजन चेक करें। 
  • जैसी ही वजन 1-२ किलो बड़े तुरंत उसे संतुलित करने के प्रयास में जुट जाएं। 
  • डाइटिंग के बजाय सेंसिबल डाइटिंग प्लान के बारे में सोचें। इसे जीवन शैली का हिस्सा बनाये। 
  • एक सी ईटिंग हैबिट्स रखें। 
  • डायरी नोट्स लिखे। अगर डार्क चॉकलेट का एक बड़ा पीस मुंह में डाला है तो अगले मील में कितनी कैलरीज घटानी है इसे भी ध्यान में रखें। 
आशा है आपको यह जानकारी उपयोगी लगी होगी। अगर आप सही तरीके से प्लानिंग करे  अनुशासन बनाये रखे तो Weight loss करना बेहद आसान हो सकता हैं। यह जानकारी डॉ आशीष वर्मा ने इलाहबाद से भेजी हैं। 

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