दूध और पानी - एक सच्ची मित्रता की कहानी

आजकल Whatsapp, फेसबुक या गूगल प्लस पर कई तरह के उपयोगी और प्रेरनादायी सन्देश भेजे जाते हैं। कभी-कभी ऐसे छोटे सन्देश या कहानी भी हमें बड़ी सिख दे जाते है। बेकार के सन्देश पढने से अच्छा है हम ऐसे उपयोगी Motivational Hindi Message पढ़े जिनसे हमें कोई अच्छी सिख प्राप्त हो और हमारे जीवन में कोई बेहतर बदलाव हो। 

ऐसी ही एक मित्रता या Friendship से जुडी एक Motivational Hindi Story हमारे पाठक संदीप सिंग ने जोधपुर राजस्थान से हमें भेजी है जिसे आज हम आपके साथ यहाँ share कर रहे हैं। हर किसी व्यक्ति का कोई न कोई मित्र जरूर होता हैं और निःस्वार्थ मित्रता बनाये रखने के लिए जरुरी है की हमें पता हो की सच्ची मित्रता कैसी होती हैं। 

सच्ची मित्रता कैसी होती है और एक मित्र को कैसे अपने मित्र का साथ निभाना चाहिए इस बात को दर्शाने वाली दूध और पानी की कहानी निचे दी गयी हैं : 

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दूध और पानी - एक सच्ची मित्रता की कहानी 

Milk and Water - A story of True Friendship in Hindi

पानी ने दूध से मित्रता की और उसमे समा गया।

मित्र, तुमने अपने स्वरुप का त्याग कर मेरे  स्वरुप को धारण किया है। 
जब उसे उबाला जाता है, तब पानी कहता है, "और तुमसे पहले मै चला जाऊँगा।"

दूध से पहले पानी उड़ता जाता है तो उफन कर गिरता है और आग को बुझाने लगता है !
इस अगाध प्रेम में.. थोड़ी सी खटास (निम्बू की दो चार बूँद) डाल दी जाए तो, दूध और पानी अलग हो जाते हैं।

खटास मत आने दो !! "क्या फर्क पड़ता है, हमारे पास कितने लाख, कितने करोड़, कितने घर, कितनी गाड़ियां हैं, जीना तो बस एक ही ज़िन्दगी है !!"

फर्क इस बात से पड़ता है, कितने पल हमने ख़ुशी से बिताये,
कितने लोग हमारी वजह से खुशी से जीए !!

मैं रूठा, तुम भी रूठ गए। फिर मनाएगा कौन ? फिर भरेगा कौन ?
इस चुप्पी को फिर तोडे़गा कौन ? तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन ?
सोचो हाथ फिर बढ़ाएगा कौन ? फिर माफ़ करने का बड़प्पन दिखाएगा कौन ?

तो फिर धैर्य बंधायेगा कौन ? इस अहम् को फिर हराएगा कौन ?
फिर इन लम्हों में अकेला रह जाएगा कौन ? तो कल इस बात पर फिर पछतायेगा कौन ?

सुनने की आदत डालो क्योंकि, ताने मारने वालों की कमी नहीं हैं। रुलाने वालों की कमी नहीं हैं।

सच्चा व्यक्ति हर समय वास्तविक होता है। बड़े-बड़े रिश्ते कमजोर हो जाते हैं !
तो घबराना मत ... बात तो  "उन्हीं की होती है".... जिनमें कोई " बात " होती है !!

जब दूध ने पानी का समर्पण देखा तो उसने कहा, "अब मैं भी मित्रता निभाऊंगा और तुम्हे अपने मोल बिकवाऊंगा।"

दूध बिकने के बाद, अब मेरी बारी है मै मित्रता निभाऊंगा। जब दूध मित्र को अलग होते देखता है,
जब पानी की बूंदे उस पर छींट कर उसे अपने मित्र से मिलाया जाता है तब वह फिर शांत हो जाता है।

इस तरह दूध और पानी दोनों एक दूसरे का हमेशा साथ निभाकर एक सच्ची दोस्ती की मिसाल कायम करते हैं।

अगर आपको यह दोस्ती से जुडी कहानी अच्छी लगी है तो कृपया इसे अपने मित्रों के साथ अवश्य शेयर करे !

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