त्वचा का रंग निखारने के घरेलु आयुर्वेदिक उपाय !


त्वचा का रंग जन्मजात गुणों पर निर्भर करता हैं। स्वाभाविक रंग कप पूर्णतः बदलपना लगभग असंभव होता हैं। समय के साथ आनेवाले त्वचा के रंग के बदलाव को बदला पाना संभव होता हैं। संतुलित आहार और त्वचा की सम्पूर्ण देखभाल के साथ त्वचा को कोमल, मुलायम, सुन्दर और आकर्षित बनाया जा सकता हैं।

Ayurvedic tips in Hindi for Fair and glowing skin.

  • प्राचीन समय से ही भारतीय समाज में हल्दी का उपयोग रंग में निखार लाने के लिए उबटन के रूप में किया जाता रहा हैं। विवाह के पूर्ण दुल्हन को हल्दी से बना उबटन लगाने की प्रथा इसीलिए की जाती हैं।
  • दो चमच्च बेसन, एक चमच्च हल्दी, एक चमच्च संतरे के छिलकों का पाउडर, थोड़ी सी मुल्तानी मिटटी और गुलाबजल डालकर नित्य स्नान से पूर्व यह पेस्ट लगाना चाहिए। 
  • एक चमच्च खीरे के रस में एक चमच्च शहद और एक चमच्च निम्बू का रस मिलाकर लगाये। इसे सूखने पर धों दे। 
  • गाजर के सात में दो बादाम पीसकर, एक चमच्च शहद और एक चमच्च निम्बू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाये, सूखने पर धो दे। 
  • तुलसी और पुदीने की पत्तियों को पिंस कर इनका सत निकाल ले। इसमें  शहद मिलाकर लगाये। 
  • नीम की छाल को घिसकर इसमें चन्दन मिलाकर प्रतिदिन लगाये। इससे त्वचा कीटाणुरहित होकर चमकने लगती हैं। 
  • बथुआ को उबालकर इसके पानी से त्वचा को साफ़ करे। इससे त्वचा साफ़ होकर चमकने लगेगी। 
  • निम्बू के छिलके में चीनी लगाकर कोहनियों पर रगड़ने से कोहनी का रंग साफ़ हो जाता हैं। 
  • पालक, गाजर, टमाटर, खीरा और निम्बू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाये। इससे त्वचा का रंग साफ़ होकर निखार उठेंगा। 
  • आलू, खीरे का रस और टमाटर के रस को बराबर मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगाये। इससे चेहरे का रंग निखर उठेंगा। आप इसे आँखों के पास के काले घेरों को दूर करने के लिए भी उपयोग कर सकते हैं। 
इस तरह आप घर पर ही इन बहुउपयोगी आयुर्वेदिक नुस्खों को अपनाकर अपने चेहरे को अधिक सुन्दर, स्वस्थ और आकर्षित बना सकते हैं। इन नुस्खों को अपनाने के पहले अपने सौंदर्य विशेषज्ञ और डॉक्टर की राय अवश्य लेना चाहिए।
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