एक लघु प्रेरणादायी कहानी - मुश्किलों का सामना


कई बार हम सभी हमारे साथ हो रही मुश्किलों या कठिनाई के लिए औरो को जिम्मेदार मानते हैं। कभी-कभी तो हम समय को दोष देते है या फिर अपने नसीब को कोसते हैं। जीवन में कभी ऐसा भी समय आता है की हम सारी दुनिया को अपना दुश्मन समझ बैठते हैं। हमारी ऐसी ही परेशानी और दुविधा को दूर करने के लिए आज एक छोटी सी कहानी हम पेश कर रहे है जो हमें एक बहुत बड़ा सन्देश और सिख देती हैं।
A Short Moral Story in Hindi

एक बार एक कुत्ता संयोगवश एक ऐसे मकान में घुस गया जिसमे दीवारों पर चारो तरफ बड़े-बड़े दर्पण लगे थे l वह जिस तरफ नजर दौडाता उसे दर्पण में अपना ही प्रतिबिम्ब नजर आता l यह देख उसकी हालत खराब हो गयी l जिधर देखो उधर उस जैसे कुत्ते नजर आ रहे थे l उसने डर के मारे भौकना शुरू कर दिया l सारे प्रतिबिम्ब भी उसके साथ भौकने शुरू कर दिए l अब तो घबराहट के मारे उसका पसीना छुटने लगा l उसने विचार किया की इन सब कुत्तो से अकेले लड़ना तो उसके बस की बात नहीं हैं l अब इन कुत्तो पर भौकना व्यर्थ हैं l इन सबसे मित्रता करने में ही भलाई हैं l यह सोच उसने अपनी पूंछ दबा ली l उसके साथ सारे प्रतिबिम्ब कुत्तो ने भी पूंछ दबा ली l सारे कुत्ते भी उसके साथ मित्रता को तैयार हो गए थे l अब उसे समझ आया की जैसा व्यवहार वह करेगा बाकि प्रतिबिम्ब कुत्ते भी वैसा ही व्यवहार करेगा l

मित्रो, यह दुनिया भी ऐसी ही हैं l जो चश्मा लगाकर हम देखेंगे, यह दुनिया हमें वैसी ही नजर आएँगी l अगर हम सभी के साथ प्रेम और सहकार्य की भावना से काम करेंगे दो बदले में हमें औरो से भी प्रेम और सहकार्य मिलेंगा l किसी ने सच ही कहा हैं की, “ हमें औरो के साथ वैसाही बर्ताव करना चाहिए जैसे बर्ताव की अपेक्षा हम औरो से अपने लिए करते हैं ! “ 

Image Courtesy : Psychologytoday.com

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